गाजीपुर : जनपद के प्रतिष्ठित डी.ए.वी. इंटर कॉलेज से एक बेहद गंभीर और विवादित मामला सामने आया है। विद्यालय के खेल मैदान की सुरक्षा के लिए बनाई जा रही नवनिर्मित बाउंड्री वॉल को कुछ दबंगों द्वारा कथित तौर पर ढहा दिया गया है। इस घटना ने क्षेत्र में तनाव पैदा कर दिया है और विद्यालय प्रबंधन ने इसे एक गहरी साजिश करार दिया है।

साजिश के तहत बाउंड्री गिराने का आरोप
डी.ए.वी. इंटर कॉलेज, गाजीपुर के प्रबंधक आदित्य प्रकाश आर्य ने जिलाधिकारी को एक औपचारिक पत्र सौंपते हुए मामले की गंभीरता से अवगत कराया है। शिकायत के अनुसार, विद्यालय की प्रबंध समिति द्वारा खेल मैदान की घेराबंदी के लिए बाउंड्री का निर्माण कराया जा रहा था। आरोप है कि 10 फरवरी 2026 को दोपहर करीब 12:00 बजे, कुछ लोगों ने एक सोची-समझी साजिश के तहत इस नवनिर्मित दीवार को गिरा दिया।
पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल
प्रबंधक का आरोप है कि घटना के तुरंत बाद संबंधित थाना कोतवाली में लिखित तहरीर दी गई थी, लेकिन पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। पुलिस की इसी निष्क्रियता से क्षुब्ध होकर विद्यालय प्रशासन को जिलाधिकारी की चौखट पर दस्तक देनी पड़ी।
जिलाधिकारी ने दिए जाँच के आदेश
आज जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर मीडिया से बात करते हुए प्रबंधक आदित्य प्रकाश ने बताया कि जिलाधिकारी ने मामले को संज्ञान में लिया है। उन्होंने कहा,
“डीएम साहब ने स्पष्ट किया है कि जिसकी जमीन है, उसे बाउंड्री कराने का कानूनी अधिकार है। उन्होंने एसडीएम को निर्देशित किया है कि वे कागजातों की जांच करें और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें।”
सुरक्षा की माँग और भविष्य की चिंता
विद्यालय प्रबंधन ने मांग की है कि खेल मैदान की बाउंड्री का निर्माण पूर्ण कराने के लिए व्यापक पुलिस सुरक्षा प्रदान की जाए। घटनास्थल की तस्वीरों में देखा जा सकता है कि नवनिर्मित दीवार मलबे में तब्दील हो चुकी है और निर्माण सामग्री बिखरी पड़ी है। प्रबंधक का कहना है कि जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती और सुरक्षा नहीं मिलती, तब तक विद्यालय की संपत्ति पर खतरा बना रहेगा।
पत्रक देने में प्रबन्धन समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र वर्मा, विद्यालय के प्रधानाचार्य हरिशंकर शर्मा, संजय मिश्रा,रिंकू केशरी ,संजय वर्मा ,संतोष वर्मा , रवीश आर्य, राजेश वर्मा,राकेश जायसवाल के साथ प्रबंधन समिति के सदस्य मौजूद रहे।
“अब सबकी निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं कि क्या विद्यालय को अपनी जमीन सुरक्षित करने के लिए न्याय मिल पाएगा या यह विवाद और गहराएगा।”

