सादात थाना क्षेत्र अंतर्गत बूढ़नपुर गांव निवासी महेंद्र यादव की हत्या के एक महीने से भी अधिक समय बीत गए, फिर भी घटना का राजफाश नहीं हो पाया है। पुलिस अभी तक हत्यारों तक पहुंचने में नाकाम रही है, जिससे सादात पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। इस मामले का खुलासा करना, दो दिन पहले ही सादात का पदभार ग्रहण किय नए थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार पाण्डेय के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।
यह घटना बीते 31 दिसंबर की रात को हुई थी, जब बुढ़नपुर निवासी 48 वर्षीय महेंद्र यादव अपने घर खाना लेने के लिए नहर के पास स्थित ट्यूबवेल से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर साइकिल से जा रहे थे। इसी दौरान अज्ञात हमलावरों ने उनके सिर और चेहरे पर धारदार हथियार से वार कर उनकी हत्या कर दी। महेंद्र यादव की मौके पर ही मौत हो गई थी।
मृतक के भाई जयप्रकाश यादव ने अज्ञात अपराधियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। पुलिस ने इस मामले में तीन दर्जन से अधिक लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की है, लेकिन कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है। पुलिस संदिग्धों के कॉल डिटेल खंगालने के साथ-साथ उनके आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है। दूसरी ओर, ग्रामीणों ने पुलिस पर बेगुनाह लोगों को बेवजह परेशान करने और धन उगाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पुलिस पूछताछ के नाम पर निर्दोष लोगों को थाने में बैठाकर तंग करती रही है।
तत्कालीन एसओ वागीश विक्रम सिंह का तबादला होने के बाद, धर्मेंद्र कुमार पाण्डेय ने सोमवार को ही थानाध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया है। अब इस अनसुलझे हत्याकांड का राजफाश करना उनकी प्राथमिकता और एक बड़ी परीक्षा होगी।
