सिद्धपीठ हथियाराम मठ के महंत और जूना अखाड़ा के वरिष्ठ महामंडलेश्वर स्वामी श्री भवानीनंदन यति महाराज ने रामहित यात्रा के दौरान इब्राहिमपुर गांव में प्रवास किया। सोमवार की सुबह हरिहरात्मक पूजा के उपरांत शिष्य श्रद्धालुओं को धर्मोपदेश देते हुए कहा कि जीवन की व्यस्तता में कुछ समय निकालकर ईश्वर की पूजा-आराधना अवश्य करें।
स्वामी भवानीनंदन यति ने कहा कि मनुष्य इस धरा धाम पर आकर भगवान को भूल गया है, जो अनुचित है। उन्होंने मानव जीवन में पूजन-अर्चन के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि ईश वंदना से मन का शुद्धिकरण होता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। उन्होंने लोगों से भगवत भजन जैसे उत्तम कार्य कर मानव जीवन की सार्थकता सिद्ध करने का आह्वान किया।
महामंडलेश्वर ने यह भी बताया कि संत और सत्संग के सानिध्य में रहने से अच्छे विचारों का सृजन होता है। उन्होंने मनुष्य के भीतर प्रेम, भक्ति, श्रद्धा और ईश्वर के प्रति समर्पण की भावना के महत्व पर प्रकाश डाला।
उल्लेखनीय है कि महामंडलेश्वर स्वामी भवानीनंदन यति महाराज सनातन धर्म और सिद्धपीठ हथियाराम मठ की प्राचीन संत परंपरा का निर्वहन करते हुए इन दिनों रामहित यात्रा पर हैं। इस यात्रा के तहत वे गांव-गांव जाकर शिष्य श्रद्धालुओं को धर्मोपदेश दे रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान गांव के पूर्व प्रधान अंकुर सिंह ने महामंडलेश्वर सहित उपस्थित वैदिक ब्राह्मणों और गणमान्यजनों का अंगवस्त्रम आदि भेंट कर सम्मान किया। इस अवसर पर श्रवण तिवारी, डॉ. रत्नाकर त्रिपाठी, सर्वानंद सिंह झुन्ना, मयंक सिंह, लौटू प्रजापति, गुलाब, ओमप्रकाश सिंह, विजय बहादुर सिंह, श्यामणारायण सिंह, गीता सिंह, श्वेता, माधुरी, बिंदु, बेबी सिंह, पायल सिंह, खुशी सिंह, अनिल अरविंद, राजेश राम, कतवारू सिंह, अमरनाथ, सुरेन्द्र राजभर, देवेंद्र दूबे सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी मौजूद रहे।
