गाजीपुर: सेवराई तहसील के कोटेदारों की बैठक सम्पन्न जिसमें कोटेदारों ने बताया कि वर्तमान में फोन से फीडबैक लिया जा रहा है जिसमें कोटेदारों के विरोधियों के पास फोन जाने पर उल्टा सीधा जवाब दिया जा रहा है व ऐसा व्यक्ति फोन उठाता है जो राशन लेने गया ही नहीं था, जिसमें उसको पूर्ण जानकारी नहीं रहती है। वह भी ठीक जवाब नहीं दे पाता है, जिसके आधार पर अनायास जांच होती है, जिससे शोषण बढ़ता है। सरकार किसी भी एक विभाग से जांच कराये। कई विभाग से जांच कराने पर शोषण बढ़ता है। उप्र के कोटेदारों का लाभांश खाद्यान्न पर 90 रुपये कुन्तल व चीनी पर 70 रुपये कुन्तल ही मिलता है। जबकि अन्य प्रदेशों में जैसे हरियाणा 200 रुपये कुन्तल, गोवा में 200 रुपये कुन्तल, दिल्ली में 200 रुपये कुन्तल, गुजरात में 20000 रुपये मिनिमम गास्टी दिया जा रहा है। उत्तर प्रदेश के कोटेदारों को अन्य प्रदेश की भांति दिया जाये। शासनादेशानुसार डोर स्टेप डिलीवरी गुणवत्तायुक्त खाद्यान्न कोटे के दुकान पर पहुंचाकर दिया जाये। पूर्व का सभी बकाया भुगतान किया जाये। कोटेदारों द्वारा वितरण ऑन लाइन किया जा रहा है, जबकि सत्यापन अधिकारी, वितरण अधिकारी व वितरण प्रमाण-पत्र व स्टॉक रजिस्टर बंद किया जाय राज्य सरकार द्वारा पेपर लेस का आदेश दिया जाये। स्वयं सहायता समूह के दुकान संचालन के सभी जिम्मेदारी होती है, संचालक द्वारा भाड़ा, बिजली बिल, मजदूरी भी दी जाती है। कमीशन का पैसा संचालक के खाते में दिया जाये। एमडीएम और आईसीडीएस के खाद्यान्न पर भी एनएफएसए खाद्यान्न की भांति कमीशन प्रदान करें। कोटेदारों ने समस्त उचित बिन्दुओं पर विचार करते हुये निस्तारण करने की मांग की है। अन्यथा की स्थिति में अगस्त माह का वितरण प्रथम तीन दिन रोक दिया जायेगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी। इस मौके पर तहसील अध्यक्ष दयानन्द पाण्डेय, मिन्हाज खान, प्रदीप कुमार, संतोष सिंह, देवेन्द्र, शमशेर सिंह, निजामुद्दीन खान, त्रिलोक रंजन, अवधेश कुमार, अमन श्रीवास्तव, इफ्तेखार खान, नन्दलाल आदि लोग मौजूद रहे।
सेवराई तहसील के कोटेदारों की बैठक सम्पन्न
