देवल (सेवराई)। सेवराई तहसील के देवल गांव स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर करीब 25,000 लोग निर्भर हैं, लेकिन डॉक्टरों की कमी के कारण उन्हें अच्छी स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल पा रही है। अस्पताल इस समय सिर्फ एक फार्मासिस्ट के भरोसे चल रहा है।
कई शिकायतों के बाद भी कार्रवाई न होने से लोगों में भारी गुस्सा है। छात्र नेता विपुल कुमार सिंह ने अधिकारियों से जल्द डॉक्टर तैनात करने की मांग की है, नहीं तो प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
देवल पीएचसी पर देवल, भास्करपुर, हरकेशपुर, अमौरा, सुरहा, बक्सडा, लहना समेत करीब आधा दर्जन से ज्यादा गांवों के लोग इलाज के लिए आते हैं। यहां न तो कोई डॉक्टर है और न ही दवाएं मिलती हैं। सैकड़ों मरीज रोज बिना इलाज के निराश होकर लौट जाते हैं।
यूपी-बिहार बॉर्डर पर होने से दुर्घटना में घायल लोग भी यहां पहुंचते हैं, लेकिन प्राथमिक इलाज न मिलने के कारण उन्हें 7 किलोमीटर दूर भदौरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा जाता है। इससे गंभीर मरीजों की जान को खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों के अनुसार पहले यहां एक डॉक्टर थे, जो अब नहीं हैं। तब से यह केंद्र पूरी तरह भगवान भरोसे है। लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि देवल पीएचसी पर तत्काल डॉक्टर और दवाओं की व्यवस्था की जाए, ताकि क्षेत्र की बड़ी आबादी को राहत मिल सके।
