गहमर (गाजीपुर)। पूर्वांचल के सुप्रसिद्ध शक्तिपीठ मां कामाख्या धाम में शारदीय नवरात्रि की अष्टमी तिथि पर मध्य रात्रि महानिशा पूजा का भव्य आयोजन किया गया। इस अलौकिक पूजा में दस हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने हिस्सा लेकर अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए मां के चरणों में प्रार्थना की।
मध्य रात्रि करीब 12 बजे होने वाली इस विशेष पूजा के लिए आसपास सहित दूर-दराज के सैकड़ों श्रद्धालु पहले से ही मंदिर परिसर में अपना स्थान सुरक्षित कर बैठ गए थे। मंदिर समिति द्वारा सभी श्रद्धालुओं के लिए कतारबद्ध तरीके से दर्शन-पूजन की समुचित व्यवस्था की गई थी।
मंदिर के महंत आकाश राज तिवारी ने विधि-विधान से मां कामाख्या की आरती और पूजा संपन्न कराई। इसके बाद सभी श्रद्धालुओं के दर्शन-पूजन के लिए मंदिर के कपाट खोल दिए गए। दर्शन के उपरांत श्रद्धालुओं में प्रसाद का वितरण किया गया।
महानिशा पूजा को लेकर मान्यता है कि जो भी श्रद्धालु सच्चे मन से अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना करते हैं, मां उनकी इच्छा अवश्य पूरी करती हैं। यह भी पौराणिक मान्यता है कि निःसंतान दंपति इस पूजा में शामिल होकर संतान की कामना करते हैं तो उन्हें संतान की प्राप्ति होती है।
पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए गहमर कोतवाली पुलिस मंदिर परिसर पर तैनात रही।
