सेवराई (गाजीपुर)। तहसील क्षेत्र के सेवराई गढ़ी ग्राम में रामलीला समिति की ओर से आयोजित अतिप्राचीन रामलीला का शुभारंभ शुक्रवार की रात वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ किया गया। व्यास दीनानाथ गिरी ने मुकुट पूजन एवं मंच पूजन संपन्न कराकर रामलीला मंचन की शुरुआत कराई। इस दौरान देवगणों का आह्वान कर धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए गए। आयोजन में श्रद्धालुओं की उपस्थिति से पूरा माहौल भक्तिमय हो उठा।
सेवराई गढ़ी की रामलीला की परंपरा वर्ष 1983 में शुरू हुई थी। तब से ग्रामीणों के सहयोग और सहभागिता से यह धार्मिक आयोजन लगातार आयोजित किया जा रहा है। समय के साथ यह रामलीला गांव की आस्था, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है। समिति के सदस्यों और ग्रामवासियों के सामूहिक प्रयास से हर वर्ष इस परंपरा को आगे बढ़ाया जा रहा है।
रामलीला के शुभारंभ के अवसर पर वैदिक मंत्रों की गूंज के बीच पूजन-अर्चन किया गया। धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान मौजूद श्रद्धालु भक्तिभाव में लीन नजर आए। ग्रामीणों में रामलीला को लेकर विशेष उत्साह और आस्था देखने को मिली।
स्थानीय मान्यता के अनुसार, रामलीला मंचन के दौरान सच्चे मन से मांगी गई मनौतियां पूरी होती हैं। इसी विश्वास के चलते प्रत्येक वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। मनोकामना पूरी होने पर श्रद्धालु चढ़ावा चढ़ाकर अपनी श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। सेवराई गढ़ी की यह रामलीला धार्मिक आस्था के साथ-साथ गांव की पुरानी परंपराओं और सांस्कृतिक पहचान को भी जीवंत बनाए हुए है।
