सेवराई (गाजीपुर)। स्थानीय तहसील क्षेत्र के सतरामगंज बाजार स्थित मुख्य चौराहे पर दुर्गा पूजा पंडाल बनाने को लेकर दुकानदार और पूजा आयोजकों के बीच विवाद का मामला सामने आया है। कई दिनों से चल रहे विवाद की सूचना मिलने पर शनिवार को उपजिलाधिकारी गजराज सिंह यादव, तहसीलदार सुशील कुमार सिंह और गहमर थाना निरीक्षक नंदकुमार तिवारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने दोनों पक्षों की बातें सुनीं और स्थल का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके बाद दोनों पक्षों को विवाद नहीं करने की हिदायत देते हुए मामले को शांत कराया।
जानकारी के अनुसार, सतरामगंज बाजार के मुख्य चौराहे के सामने सब्जी मंडी में राज क्लब दुर्गा पूजा समिति की ओर से दुर्गा पूजा पंडाल बनाया जाता है। पंडाल के समीप स्थित दुकानदार मनोज गुप्ता और पूजा आयोजकों के बीच पंडाल निर्माण के दौरान रास्ता छोड़ने को लेकर विवाद चल रहा था। दुकानदार की ओर से रास्ता छोड़कर पंडाल बनाने की बात कही जा रही थी, जबकि इस मुद्दे पर आयोजकों और दुकानदार के बीच सहमति नहीं बन पा रही थी। विवाद कई दिनों से जारी रहने के कारण मामला प्रशासन तक पहुंच गया।
सूचना पर पहुंचे उपजिलाधिकारी, तहसीलदार और थाना निरीक्षक ने मौके की स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने दुकानदार मनोज गुप्ता और पूजा आयोजकों से अलग-अलग तथा संयुक्त रूप से बातचीत कर उनकी बातें सुनीं। इसके बाद दोनों पक्षों को आवश्यक निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि दुर्गा पूजा का आयोजन शासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही किया जाएगा।
उपजिलाधिकारी गजराज सिंह यादव ने दोनों पक्षों को निर्देश दिया कि पूर्व से जिस प्रकार पंडाल बनाया जाता रहा है और दुर्गा पूजा का आयोजन होता आया है, उसमें किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने दोनों पक्षों को आपसी विवाद से दूर रहने और शांति व्यवस्था बनाए रखने की हिदायत दी। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि त्योहार के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था नहीं होनी चाहिए और आयोजन निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार ही संपन्न कराया जाएगा।
मौके पर अधिकारियों के पहुंचने की सूचना मिलते ही बाजार में लोगों की भारी भीड़ जुट गई। मुख्य चौराहे पर पंडाल निर्माण को लेकर चल रहे विवाद के बीच प्रशासनिक हस्तक्षेप से स्थिति शांत हुई। हालांकि, इस पूरे मामले पर उपजिलाधिकारी गजराज सिंह यादव और तहसीलदार सुशील कुमार सिंह ने मीडिया के कैमरे के सामने कुछ भी कहने से परहेज किया।
