धर्मेन्द्र भारद्वाज | मऊ
मुख्य चुनाव आयुक्त और गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग, पुतला फूंकने को लेकर पुलिस से हुई झड़प
मुहम्मदाबाद गोहना। मंगलवार को तहसील परिसर में अधिवक्ताओं ने वोटर लिस्ट में कथित धांधली के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शन के दौरान दोनों का पुतला फूंकने के प्रयास को लेकर अधिवक्ताओं और पुलिस के बीच छीना-झपटी और झड़प हो गई। पुलिस पुतला छीनकर अपने साथ ले गई। इससे नाराज अधिवक्ताओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ भी नारेबाजी की।
तहसील खुलते ही अधिवक्ता महेंद्र राय के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने धरना शुरू किया। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में कथित हेराफेरी और बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम काटे जाने से लोकतांत्रिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। अधिवक्ताओं ने इसे संविधान की मूल भावना के खिलाफ बताया।
धरने को संबोधित करते हुए महेंद्र राय ने कहा कि वोटों में कथित हेराफेरी को लेकर सामने आई रिपोर्टों के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद से इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार चुनाव आयोग के अधिकारियों को बचाने का प्रयास कर रही है। बिहार एसआईआर और कर्नाटक के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में कथित अनियमितताओं का हवाला देते हुए उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
इसके बाद अधिवक्ता नारेबाजी करते हुए तहसील परिसर में घूमते हुए मुख्य गेट पर पहुंचे। वहां उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त और गृह मंत्री का पुतला फूंकने का प्रयास किया। पुलिस ने पुतला छीनने की कोशिश की तो दोनों पक्षों के बीच छीना-झपटी और झड़प हो गई। पुलिस किसी तरह पुतला अपने साथ ले गई। इसके बाद अधिवक्ताओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ भी नारेबाजी की।
प्रदर्शन के बाद अधिवक्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त और केंद्रीय गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर उप जिलाधिकारी अर्चना अग्निहोत्री को ज्ञापन सौंपा और कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन में अली अकरम, अशोक कुमार, उदयभान, खालिद जमाल, महेश यादव, सुधीर श्रीवास्तव, विनय श्रीवास्तव, ओमप्रकाश, विनोद सिंह, संजय उपाध्याय, रविंद्र यादव, संतोष श्रीवास्तव, फिरोज अहमद, छोटेलाल शर्मा, एकलाख अहमद, संजय तिवारी, लालजी गौतम समेत दर्जनों अधिवक्ता मौजूद रहे।
