पंचायत भवन की बैठक छोड़ पूर्व माध्यमिक विद्यालय में कोटे की दुकान का प्रस्ताव कराने का आरो
सरपतही खुर्द में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान के चयन पर ग्रामीणों में आक्रोश, एसडीएम से जांच और दोबारा खुली बैठक की मांग
कुशीनगर। विकासखंड विशुनपुरा के ग्राम सभा सरपतही खुर्द में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान के चयन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने ग्राम विकास अधिकारी पर निर्धारित पंचायत भवन में खुली बैठक नहीं कराने और कथित रूप से चुपके से दूसरी जगह प्रस्ताव पारित कराने का आरोप लगाया है। मामले में ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी पडरौना को शिकायती पत्र देकर चयन प्रक्रिया निरस्त कर दोबारा खुली बैठक कराने की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार ग्राम सभा में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान पूर्व में अनियमितता मिलने के बाद निरस्त कर दी गई थी। इसके बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर खुली बैठक के माध्यम से नियमानुसार पात्र व्यक्ति का चयन किया जाना था। आरोप है कि ग्राम विकास अधिकारी शम्भू यादव ने 10 सितंबर को पंचायत भवन में बैठक होने की जानकारी ग्रामीणों को दी थी। निर्धारित तिथि पर बड़ी संख्या में ग्रामीण पंचायत भवन पहुंचकर बैठक का इंतजार करते रहे, लेकिन वहां बैठक नहीं हुई।
ग्रामीणों का आरोप है कि इसी दौरान ग्राम प्रधान के प्रभाव में आकर पूर्व माध्यमिक विद्यालय परिसर में कुछ लोगों की मौजूदगी में क्षेत्र पंचायत सदस्य इसरावती देवी पत्नी व्यास प्रसाद के नाम कोटे की दुकान का प्रस्ताव निर्विरोध पारित कर दिया गया। इसकी जानकारी होने पर ग्रामीणों में नाराजगी फैल गई।
ग्रामीणों ने बताया कि मामले को लेकर 14 अगस्त, 8 सितंबर, 14 सितंबर और 21 सितंबर को जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र दिए जा चुके हैं, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने एसडीएम से पूरे मामले की जांच कर कथित रूप से नियम विरुद्ध प्रस्ताव निरस्त कराने तथा पंचायत भवन में आम जनता की मौजूदगी में दोबारा खुली बैठक कर पात्र व्यक्ति का चयन कराने की मांग की है।
