सेवराई। तहसील मुख्यालय पर पिछले तीन दिनों से भूलेख का सर्वर ठप होने से राजस्व संबंधी कामकाज प्रभावित है। खतौनी निकलने से लेकर अमल दरामद और वरासत संशोधन के आदेश दर्ज होने तक के कई कार्य अटक गए हैं। सर्वर चालू होने की उम्मीद में तहसील पहुंच रहे फरियादियों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है।
सर्वर की खराबी का सबसे अधिक असर किसानों पर पड़ रहा है। खतौनी नहीं मिलने के कारण जमानत सहित जमीन से जुड़े अन्य जरूरी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। मंगलवार को भी कई लोग खतौनी निकलवाने के लिए तहसील पहुंचे, लेकिन सर्वर उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें बिना काम कराए वापस लौटना पड़ा।
अधिवक्ता सुमंत कुशवाहा और अजय राय समेत अन्य अधिवक्ताओं ने बताया कि अमल दरामद के कई आदेश पहले से लंबित हैं। सर्वर खराब होने के कारण इन आदेशों को खतौनी में दर्ज नहीं किया जा पा रहा है। अधिवक्ताओं का कहना है कि भूलेख सर्वर में तकनीकी समस्या अक्सर बनी रहती है, जिससे वादकारियों और किसानों को अनावश्यक परेशानी उठानी पड़ती है।
इस संबंध में तहसीलदार सुशील कुमार सिंह ने बताया कि सर्वर की समस्या उच्च स्तर से है। संबंधित उच्चाधिकारियों को समस्या से अवगत करा दिया गया है। जल्द ही सर्वर की समस्या दूर कराकर राजस्व संबंधी कार्य सुचारु कराने का प्रयास किया जा रहा है।
