जल एवं पर्यावरण संरक्षण के साथ खेती को लाभकारी बनाने पर 100 किसानों को दिया गया प्रशिक्षण
रतनपुरा,मऊ।उद्यान विभाग द्वारा कृषि विज्ञान केंद्र, पिलखी में जनपद के सभी विकास खंडों से चयनित 100 कृषकों की एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण में पर ड्रॉप मोर क्रॉप-माइक्रो इरिगेशन योजना के अंतर्गत ड्रिप इरिगेशन, मिनी स्प्रिंकलर एवं पोर्टेबल स्प्रिंकलर सिंचाई पद्धतियों की जानकारी दी गई।
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन, जल संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण के साथ आधुनिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया। विशेषज्ञों ने बताया कि ड्रिप एवं स्प्रिंकलर विधि से 40 से 50 प्रतिशत तक पानी की बचत के साथ खाद एवं कृषि रक्षा रसायनों का संतुलित उपयोग किया जा सकता है, जिससे उत्पादन बढ़ाने और लागत कम करने में मदद मिलती है।
जिला उद्यान अधिकारी राम सिंह ने माइक्रो इरिगेशन प्रणाली की स्थापना पर विभागीय अनुदान की जानकारी देते हुए किसानों से योजना का लाभ लेने की अपील की। योजना प्रभारी अरुण कुमार ने बताया कि पात्र किसानों को योजना के अंतर्गत 90 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा सकता है तथा पंजीकरण एवं लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया की जानकारी दी।
कार्यशाला में डॉ. विनय कुमार सिंह, डॉ. सुमित कुमार, डॉ. प्रशांत, डॉ. जितेंद्र कुशवाहा सहित संबंधित अधिकारी एवं कृषक उपस्थित रहे।
