नंदगंज (गाज़ीपुर)। अंजुमन हुसैनिया कमेटी, बरहपुर के तत्वावधान में 9वीं एवं 10वीं मोहर्रम का आयोजन अत्यंत श्रद्धा, अनुशासन और गमगीन माहौल में संपन्न हुआ। पूरे क्षेत्र में “या हुसैन” की सदाओं के बीच अकीदतमंदों ने कर्बला के शहीदों, विशेषकर हज़रत इमाम हुसैन की याद में अश्क बहाते हुए मातम किया।
9 मोहर्रम की शाम 7:00 बजे से मातमे हुसैन का सिलसिला शुरू हुआ, जो देर रात तक जारी रहा। रात्रि लगभग 3:00 बजे चौक पर ताज़िये को बैठाया गया, जहां बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने मौजूद होकर इमाम हुसैन की शहादत को याद किया और गम का इज़हार किया।
10 मोहर्रम को सायं 7:00 बजे पुनः मातमे हुसैन की शुरुआत हुई। पूरी रात अज़ादारी का सिलसिला चलता रहा। रात्रि 12:00 बजे कर्बला में अंजुमन हुसैनिया कमेटी, बरहपुर एवं अंजुमन हैदरिया, सौरम के ताज़ियों की पारंपरिक मिलनी हुई। मिलनी के बाद दोनों अंजुमनों के अकीदतमंदों ने हज़रत इमाम हुसैन और शहीदाने कर्बला की याद में सामूहिक मातम किया। इस दौरान जंजीर मातम एवं करौली मातम भी अकीदत और एहतराम के साथ किया गया। “या हुसैन” की सदाओं से पूरा कर्बला परिसर गूंज उठा और माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया। इसके उपरांत धार्मिक परंपराओं के अनुसार ताज़ियों को कर्बला में सुपुर्द-ए-ख़ाक (दफ़न) किया गया।
कार्यक्रम में अंजुमन हुसैनिया कमेटी, बरहपुर के अध्यक्ष प्रतिक सिंह (कुश) के नेतृत्व में अली हुसैन, कलीम अंसारी (राजू), परवेज हुसैन, कम्मु, खुर्शीद, शमशेर अली, रियाज़ अली, हदीस अब्बास, सोनू, केदार सिंह सहित कमेटी के सभी सदस्य एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे। सभी ने इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए अकीदत के साथ मातम किया तथा कौमी एकता और भाईचारे का संदेश दिया।
मोहर्रम का यह आयोजन कर्बला की उस महान कुर्बानी की याद दिलाता है, जिसने इंसानियत, सत्य, न्याय और धर्म की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। पूरे आयोजन के दौरान शांति, अनुशासन और गहरे ग़म का वातावरण बना रहा।
