गाजीपुर जनपद के मुहम्मदाबाद तहसील क्षेत्र के प्रधान की बरेजी में आयोजित श्री मद्भागवत कथा में अपने मुखारविंद से ज्ञान भक्ति एवं वैराग्य की कथा मृत की वर्षा करते हुए मानस मर्मज्ञ भागवत वेत्ता श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर श्री शिवराम दास जी फलाहारी बाबा ने उपस्थित श्रोताओं से कहा की
पाप के बाप का नाम लोभ है ।राग रागिनी के लोभ से हिरण बंधन में बंध जाता है। प्रकाश के लोभ में पतंगा जीवन खो देता है। दाना चुगने के लोभ में पंछी जाल में फंस जाता है। मछली आटे के लोभ से अपना गला फंसा लेती है। फलाहारी जी महाराज ने कहा की लोभ एक असाध्य रोग है जो त्याग से ही ठीक होता है। क्रोध से बड़ा कोई दुश्मन नहीं है दरिद्रता से बड़ा कोई दुख नहीं है और ज्ञान से बड़ा कोई सुख नहीं है। उन्होंने साफ साफ शब्दों में श्रोताओं से कहा की किसी का अपमान करने से बचना चाहिए अपमान से प्रतिशोध की अग्नि सुलगती है। अपमान भविष्य में विनाश का कारण बनता है। द्रोणाचार्य के मृत्यु का कारण उन्ही के द्वारा द्रुपद राजा का अपमान बना। द्रोणाचार्य द्रुपद राजा का अपमान नहीं किए होते तो दृष्द्म्न द्रोणाचार्य के मृत्यु का कारण नहीं बनता।
कथा में
मुख्य यजमान अजय राय उर्फ गुड्डू,अनिमेष प्रधान, अमरेश प्रधान, पुरुषोत्तम प्रधान, धनंजय प्रधान, अभय प्रजापति,सुनील प्रजापति, देवेंद्र प्रधान ,अजय प्रधान, संजय प्रधान,शिवजी राय, समेत भारी संख्या में श्रद्धालु पुरुष एवं महिलाएं उपस्थित रहीं।
