मरदह (गाजीपुर): मरदह विकास खंड के घरिहा गांव निवासी डॉ. शशांक सिंह का चयन केंद्रीय विश्वविद्यालय गया (बिहार) में असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर हुआ है। इस उपलब्धि से जहां उनके परिवार में खुशी का माहौल है, वहीं पूरे गांव और क्षेत्र में हर्ष की लहर दौड़ गई है।
डॉ. शशांक सिंह, स्वर्गीय धीरेंद्र प्रताप सिंह के पुत्र हैं। इससे पहले वे गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय सासाराम में पिछले चार वर्षों से असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत थे। उनकी प्रारंभिक शिक्षा गांव के सुभाष इंटर कॉलेज से हुई। इसके बाद उच्च शिक्षा के लिए वे उदय प्रताप कॉलेज, वाराणसी गए। उन्होंने एमएससी और पीएचडी की डिग्री आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय अयोध्या से प्राप्त की।
शिक्षा पूर्ण करने के बाद उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की और अपनी मेहनत के दम पर यह सफलता हासिल की। डॉ. शशांक सिंह ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता एवं दादा स्वर्गीय दूधनाथ सिंह (संस्थापक, सुभाष इंटर कॉलेज) को दिया, जो क्षेत्र में एक प्रखर समाजसेवी और शिक्षाविद के रूप में विख्यात रहे हैं।
इस सफलता की जानकारी उनके छोटे भाई सुधांशु शेखर और सुभाष इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रभुनाथ यादव ने दी। इस अवसर पर विद्यालय की प्रबंधक कलावती सिंह, ग्राम प्रधान आशा सिंह, डॉ. ओमप्रकाश सिंह, डॉ. जयप्रकाश सिंह, सर्वानंद सिंह, अजय प्रकाश यादव, मनोज सिंह, वेदप्रकाश पांडे, पवन सिंह, योगेश सिंह, सारंग राय, ओमप्रकाश यादव, अतुल गुप्ता सहित कई गणमान्य लोगों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं।
गांव और क्षेत्र के लोगों ने इसे गौरव का क्षण बताते हुए कहा कि डॉ. शशांक सिंह की सफलता युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।
