जखनियां गाजीपुर। संवाद सूत्र जखनिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के पास स्थित एक निजी दवा दुकान ‘एस के फार्मेसी’ इन दिनों विवादों में घिर गई है। स्थानीय बाजार में शिव मंदिर के पास संचालित इस फार्मेसी पर बिना वैध रजिस्ट्रेशन के संचालन और मरीजों को महंगे दामों पर दवाइयां बेचने के आरोप लग रहे हैं।
फार्मेसी के बाहर लगे बोर्ड पर “अंग्रेजी व आयुर्वेदिक दवाइयां उचित मूल्य पर उपलब्ध” होने का दावा किया गया है, लेकिन स्थानीय लोगों के अनुसार वास्तविकता इससे अलग है। सूत्रों का कहना है कि यहां दवाओं की कीमतें बाजार से अधिक वसूली जा रही हैं, जिससे मरीजों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह दुकान जखनिया सीएचसी से महज 300 मीटर की दूरी पर स्थित है। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक द्वारा पहले ही स्पष्ट निर्देश दिए जा चुके हैं कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बाहर से दवाइयां लिखना पूरी तरह प्रतिबंधित है, ताकि उन्हें अनावश्यक आर्थिक दबाव से बचाया जा सके। इसके बावजूद अस्पताल के आसपास इस तरह की दुकानों का सक्रिय रहना कई सवाल खड़े कर रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ मामलों में मरीजों को परोक्ष रूप से बाहर से दवाइयां खरीदने के लिए प्रेरित किया जाता है, जिससे ऐसी फार्मेसी का कारोबार बढ़ता है। यदि यह आरोप सही साबित होते हैं, तो यह स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों की सीधी अवहेलना और मरीजों के अधिकारों का उल्लंघन माना जाएगा।
इस पूरे मामले पर जब जखनिया सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अवधेश कुमार से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि “मामले की जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
अब सवाल यह है कि जांच के बाद इस कथित गड़बड़ी पर ठोस कार्रवाई होती है या फिर मामला अन्य मामलों की तरह फाइलों में ही सिमट कर रह जाएगा।
