धर्मेंद्र भारद्वाज ! मऊ
“29 मार्च को हुई इस सनसनीखेज वारदात ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया।
मृतक की पहचान मोहम्मदपुर गदयापार निवासी रामभवन चौहान के रूप में हुई है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी गनौर उर्फ गनौरी — जो बिहार के नालंदा जिले का रहने वाला है — को कड़ी मशक्कत के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है।
गिरफ्तारी उस वक्त हुई जब वह पनईल बिहटा गांव के पास नहर किनारे एक पेड़ के नीचे छिपा हुआ था।”
“पुलिस जांच में जो सच सामने आया, वो और भी हैरान करने वाला है…
दोनों एक साथ बैठकर शराब पी रहे थे… माहौल सामान्य था…
लेकिन अचानक 100 रुपये को लेकर बहस शुरू हुई…
बहस इतनी बढ़ी कि गुस्से में आरोपी ने वही गमछा उठाया… और रामभवन का गला घोंट दिया!”
“अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार ने साफ कहा है कि यह हत्या पूरी तरह से पैसों के विवाद का नतीजा है।
अन्य पहलुओं की भी जांच की गई, लेकिन मुख्य वजह यही सामने आई है।”
“सोचिए… सिर्फ 100 रुपये के लिए एक जिंदगी खत्म!
क्या नशा और गुस्सा इंसान को इतना अंधा बना देता है कि वो इंसानियत ही भूल जाए?
ये सवाल अब पूरे समाज के सामने खड़ा है…”
