गाजीपुर। भांवरकोल विकास खंड के परसदा गांव में ग्राम समाज की जमीन पर रातों-रात दो मूर्तियां रखे जाने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सोमवार सुबह जब ग्रामीण खेत-खलिहान की ओर निकले तो जमीन के पश्चिमी छोर पर हनुमान जी और पूर्वी छोर पर भीमराव आंबेडकर की मूर्ति स्थापित देख दंग रह गए। दोनों मूर्तियों के बीच करीब पांच धूर की दूरी बताई जा रही है।
सूचना मिलते ही थाना प्रभारी संतोष कुमार राय के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। शेरपुर चौकी इंचार्ज, एसआई मोरध्वज समेत भारी पुलिस बल तैनात किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसील प्रशासन भी हरकत में आया और महेंद्र बहादुर, नायब तहसीलदार विपिन कुमार चौरसिया, कानूनगो चंदन राम और लेखपाल राहुल कुमार भी मौके पर पहुंचे।
पुलिस ने पूछताछ के लिए स्थानीय निवासी गुड्डू राम को थाने बुलाया, क्योंकि सूत्रों के अनुसार मूर्तियों का सांचा और ढलाई उसी ने की थी। इस पर गांव की कई महिलाएं और पुरुष थाने पहुंच गए और गुड्डू राम को छोड़ने के साथ-साथ मूर्तियों को वहीं रहने देने की मांग करने लगे।
ग्रामीणों ने लगभग 28 लोगों के हस्ताक्षर से ग्राम प्रधान श्रीमती पूनम देवी को एक प्रार्थना पत्र भी सौंपा, जिसमें मूर्तियों को न हटाने की मांग की गई है। वहीं तहसीलदार महेंद्र बहादुर ने साफ कहा कि बिना सरकारी अनुमति के किसी भी सार्वजनिक जमीन पर मूर्ति स्थापित नहीं की जा सकती। उन्होंने ग्रामीणों को सुझाव दिया कि लेखपाल से प्रस्ताव बनवाकर नियमानुसार चबूतरा या शेड की स्वीकृति ली जाए। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है
